कटिहार जंक्शन, जो पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे का एक प्रमुख और व्यस्ततम स्टेशन है, पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ और बाहर लगने वाले ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए रेलवे प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। सर्कुलेटिंग एरिया के पुनर्विकास के तहत स्टेशन के बाहर पिक-अप और ड्रॉप जोन का एक नया, व्यवस्थित लेआउट तैयार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को सुगम आवागमन सुनिश्चित करना और स्टेशन परिसर में अव्यवस्था को समाप्त करना है।
वर्तमान में कटिहार जंक्शन पर प्रतिदिन लाखों की संख्या में यात्री आते-जाते हैं, जिससे स्टेशन के बाहर वाहनों की भीड़, ऑटो-रिक्शा और निजी कारों की अनियमित पार्किंग के कारण भारी जाम लगता है। नए लेआउट के तहत पिक-अप और ड्रॉप जोन को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटा गया है, जिससे वाहनों का प्रवाह सुव्यवस्थित होगा और यात्रियों को अपने वाहनों तक पहुंचने में आसानी होगी। साथ ही, ऑटो और टैक्सी के लिए समर्पित स्टैंड भी बनाए जा रहे हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के तहत सर्कुलेटिंग एरिया की सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है, फुटपाथों का निर्माण किया जा रहा है और उचित साइनेज लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्रतीक्षालय, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था को भी उन्नत किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि नया लेआउट पूरी तरह से यातायात नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप है।
स्थानीय निवासियों और नियमित यात्रियों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पहले स्टेशन से बाहर निकलते ही जाम और अव्यवस्था का सामना करना पड़ता था, लेकिन नए लेआउट से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कुछ लोगों ने निर्माण कार्य के दौरान अस्थायी असुविधा की ओर भी इशारा किया है। रेलवे ने यात्रियों से सहयोग की अपील की है और कहा है कि काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
कटिहार जंक्शन का यह पुनर्विकास न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान करेगा, बल्कि स्टेशन की सुंदरता और कार्यक्षमता में भी वृद्धि करेगा। यह परियोजना रेलवे के 'स्टेशन रीडेवलपमेंट' कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत देश भर के प्रमुख स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और रेलवे के संयुक्त प्रयास से कटिहार जंक्शन जल्द ही एक आदर्श स्टेशन के रूप में उभरेगा, जहां यात्री सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव का आनंद ले सकेंगे।