कटिहार जिले के सदर अस्पताल में मरीजों की लंबी कतारों और भीड़भाड़ से जूझ रहे लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) में मरीजों की सुविधा के लिए टोकन सिस्टम लागू कर दिया है, जिससे अब मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह कदम अस्पताल में भीड़ प्रबंधन और सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. रविंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले ओपीडी में मरीजों को पर्ची कटवाने और डॉक्टर को दिखाने के लिए अलग-अलग कतारों में खड़ा होना पड़ता था, जिससे अव्यवस्था और विवाद की स्थिति बनती थी। अब टोकन सिस्टम के तहत मरीज को पर्ची काउंटर से एक टोकन दिया जाएगा, जिस पर उसका क्रमांक अंकित होगा। टोकन के अनुसार ही मरीज को डॉक्टर के पास जाने की अनुमति मिलेगी, जिससे भीड़ नियंत्रित रहेगी और मरीजों को बैठकर अपनी बारी का इंतजार करने की सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा, अस्पताल की दवा वितरण व्यवस्था में भी सुधार किया गया है। पहले केवल एक ही खिड़की पर दवा मिलने से मरीजों की लंबी कतारें लगती थीं, खासकर सुबह के समय। अब दवा वितरण काउंटर पर एक अतिरिक्त खिड़की खोल दी गई है, जिससे मरीजों को जल्दी दवा मिल सकेगी और उन्हें अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इससे दवा वितरण की गति में लगभग दोगुनी वृद्धि होगी और मरीजों की संतुष्टि में भी इजाफा होगा।
स्थानीय लोगों और मरीजों ने इस पहल का स्वागत किया है। कटिहार निवासी रामेश्वर सिंह, जो अपनी मां का इलाज कराने अस्पताल आए थे, ने बताया कि पहले ओपीडी में भीड़ के कारण दो-तीन घंटे लग जाते थे, लेकिन अब टोकन मिलने से समय की बचत हो रही है और वे आराम से बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था अन्य सरकारी अस्पतालों के लिए भी एक मिसाल है।
अस्पताल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि टोकन सिस्टम और अतिरिक्त दवा खिड़की की व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही न हो। सिविल सर्जन ने बताया कि भविष्य में अस्पताल में और भी सुविधाएं बढ़ाने की योजना है, जिसमें ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और डिजिटल टोकन सिस्टम शामिल हो सकता है। फिलहाल, मरीजों को इस नई व्यवस्था का लाभ मिलना शुरू हो गया है और अस्पताल परिसर में भीड़भाड़ में काफी कमी देखी जा रही है।